Monday, July 4, 2022
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कान के रोगों का घरेलू उपचार | Home remedies for ear diseases and pain

कान में कौन कौन से रोग होते हैं?- What are the diseases and pain of the ear 

कान दर्द (ear diseases) होना आम बात है यह कई कारणों से हो सकता है चोट लग जाने या कान में फुंसी होने पर कान में असहनीय पीड़ा होती है और कुछ भी अच्छा नहीं लगता न लेटने पर चैन आता है और ना बैठने पर कान में कुपित वायु प्रवेश कर कान दर्द का कारण बन जाती है कान में दर्द (ear diseases) या खुजली होने पर इसमें पेंसिल या तीली आदि भूलकर भी ना डालें कान की अपेक्षा धूल मिट्टी निकालनी हो तो रुई लगी सलाई को उपयोग में लाएं कान में पानी कदापि ना डाले करें

कान के लिए निम्न उपचार उपयोग में लाए

  • यदि आपके कान में दर्द या कान में सूजन के कारण दर्द हो तो निचे बताए गए घरेलू उपचार को उपयोग में ला सकते हे जिनके उपयोग से कोई भी व्यक्ति सहज ही कान दर्द से छुटकारा पा सकते है|
  • बच्चों या बड़ों के कान में दर्द (ear pain) हो तो प्याज के रस को सरसों के तेल में पकाकर ठंडा होने पर कान में दो बूंद डालकर रुई लगा दे एसा करने से जल्द ही कान दर्द में आराम मिलेगा यह उपचार रात के समय करने से ज्यादा लाभ मिलता है| यह भी कान में दर्द का घरेलू उपाय बहुत अच्छा है|
  • कान दर्द से छुटकारा पाने के लिए दूसरा घरेलू उपाय सुदर्शन की पत्ती को मसलकर उसका रस कान में डालें अगर सर्दी का मौसम हो तो थोड़ा गुनगुना करके डालें ये भी कान दर्द का एक बहुत अच्छा घरेलू उपचार है|
  • प्रसूता मां का दूध बच्चे के कान में डालें इससे बच्चे के कान का दर्द दूर होता है यह भी कान में दर्द को आराम देने में बहुत सहायक उपचार है|
  • नीम की निंबोली या पत्तों का रस सरसों के तेल में पकाकर रख ले बच्चे बूढ़े किसी के कान दर्द (ear diseases)होने पर दो-दो बूंद कान में डालने यह एक सबसे अच्छा कान दर्द का घरेलू उपचार है|

जब आसमान साफ हो तो रात्रि में सोने से पूर्व सरसों का तेल गर्म करें तथा ठंडा होने पर कान में डालें और धीरे-धीरे हल्के हाथ से कनपटी की मालिश भी करते जाएं इससे कान साफ तथा स्वस्थ रहते हैं जब आपके कान साफ होगे तो दर्द न होगा और कोई इन्फेक्शन भी नही होगा

अब नही रहेगी हाई ब्लड प्रेशर की कोई परेशानी

ear pain

आवश्यक समझे तो कोई भी आयुर्वेदिक ईयर ड्राप कान में डाल सकते हैं बच्चों के मामले में विशेष सावधानी बरतें   तुलसी दल मसाला का रस निकालने कान दर्द की शिकायत होने पर दो बूंद कान में डालें तुरंत आराम मिलेगा       सफेद प्याज का रस गुनगुना करके कान में डालने से दर्द में आराम मिलता है अगर भव्य फुंसी हो तो भाभी भर जाता है जिनको लगातार नजला जुकाम रहता है उन्हें कान दर्द (ear diseases)की शिकायत आम बात है अतः जुकाम होने पर इसका तुरंत इलाज करे|

कान में फुंसी

कान शरीर का महत्वपूर्ण अंग है यह सुनने की इंद्रिय है इसके अभाव में सब पर्व त्यौहार हर्षोल्लास यहां तक यह तक कि सारा संसार ही सुना हो जाता है इसलिए इनकी रक्षा सुरक्षा तथा देखभाल यतन पूर्व करनी चाहिए कान में अक्षर फुंसी निकल आती है और असहनीय पीड़ा का कारण बनती है अंदर से कान की दीवारें सो जाती हैं और कान के इधर गिद्र उंगली रखना भी असहनीय हो जाता है|

जोड़ो के दर्द का घरेलू उपचार 

  • कान में अगर फुंसी हो तो लहसुन की कलियां छीलकर उन्हें सरसों के तेल में खूब पकाएं इस तेल को शीशी में भरकर रख लें और सुबह-शाम दो-दो बूंद कान में डालें इससे कान दर्द(ear diseases) में बड़ा आराम मिलता है
  • जब कान में फुंसी हो जाती हे तो दर्द असहनीय होता हे ना तो दिन में चेन आता और ना ही रत को फुंसी होने पर नीम या बकायन का तेल गुनगुना करके कान में डाल सकते हैं इससे फुंसी का घाव जल्दी भरता है और दर्द में आराम मिलता है

कान का बहना

कान में चोट(ear diseases) आदि लग जाने या कान में सलाई आदि नुकीली चीज डालने से कान में घाव बन जाता है|और कांस्य लाल पीला मवाद निरंतर बहने लगता है| इसी को कान का बहना कहते हैं कभी-कभी कान में फुंसी निकल आती है पर इस ओर ध्यान नहीं दिया जाता फुंसी फूटने पर इलाज के अभाव में कान के अंदर घाव बन जाता है परिणाम स्वरूप कान बहने लगता है बच्चों में है शिकायत ज्यादा देखने में आती है

निम्न सावधानी अवश्य भर्ती

ध्यान रखें कि बच्चा कान में कोई नुकीली चीज जैसे पेंसिल आदि ना डालें बच्चे को डांटते समय है आवश्यक ध्यान रखें कि बच्चे के कान पर थप्पड़ ने मारे इससे बच्चा हमेशा के लिए बहरा हो सकता है| फर्श पर ने सोए क्योंकि कान में कीड़ा चींटी या अन्य जीव प्रवेश कर कान को हानि पहुंचा सकते हैं|

कान में यदि चोट आदि लगी हो तो

तुरंत कान के डॉक्टर को दिखा कर जांच कराएं

पेट के अल्सर को घरेलू उपचारों से करे ख़त्म 

कान में अनाज का दाना या कोई चीज गिर जाए तो सरसों का तेल गर्म करके ठंडा होने पर कान में डालें इससे दाना आदि ऊपर आ जाएगा इससे कान के अंदर की मेल धूल आदि भी बाहर आ जाती है

ear pain

कान में फुंसी होने पर प्याज का रस हल्का गर्म करके डालें और कानों में रुई लगा दे| कान बहने पर सरसों के तेल में लहसुन की कलियां खूब पकाएं फिर इनको तेल में मसल दे तेल को छानकर शीशी में भरकर रख लें सुबह-शाम दो-दो बूंद कान में डालें

कान बहता है तो पानी में लहसुन की कलियां या फिटकरी डालकर खूब वाले अब इस पानी से कान अच्छी तरह से साफ करें बाद में प्याज का रस दो-दो बूंद की मात्रा में डाले| कान बहने पर काली तुलसी का अर्थ दिन में तीन बार डालें आवश्यक आराम मिलेगा

आँखों के रोग लक्षण सावधानिया और घरेलू उपचार

पीप का बहाव रोकने के लिए महुआ जामुन चमेली और आंवले के पत्ते एक बड़ की जड़ की छाल सब का रस सरसों के तेल में पकाकर इस तेल को कान में डालें आशीष फायदा होगा

कान की देखभाल जरूरी

कीड़े मकोड़े तेज आवाज ए हवा पानी तथा अन्य विषैले तत्व कान की अंदरूनी मशीनरी को नुकसान पहुंचा सकते हैं ऐसे किसी भी प्रकार के संभावित नुकसान से बचने के लिए कान में व्यक्ति या निर्माण होता है जिससे उसे रोमन कहते हैं यह देख हमारे कानों की सुरक्षा के लिए प्रकृति द्वारा दिया गया सुरक्षा कवच है वैक्स का बनना कोई रोक नहीं अभी तो एक स्वाभाविक प्रक्रिया है यह तो हमारे कान में जितना भी व्यक्त बनता है वह मुंह चलाने के कारण अपने आप बाहर निकल आता है परंतु किसी कारण वश यदि वह खुशक हो कर काम में फस जाए तो किसी अच्छे कान विशेषज्ञ को दिखाना चाहिए बाजार में बैठे नीम हकीम उनसे  कानों को कभी साफ नहीं करवाना चाहिए  इन लोगों को कान की भीतरी संरचना की जरूरी जानकारी नहीं होती. कान में काफी हनी भी हो सकती हें|

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